Home / Jyotish / जानिये क्यों ज़रूरी है कभी-कभी संबंधो को ख़त्म करना

जानिये क्यों ज़रूरी है कभी-कभी संबंधो को ख़त्म करना

Unhappy-Couple

भारतीय संस्कृती हमेशा ही रिश्तों को अन्य सभी सांसारिक चीज़ों से अधिक महत्व देती आई है। हमें  हमेशा से ही लंबे समय तक रिश्तों को निभाना  सिखाया जाता है। हमें संयम में रहते हुए सहन करना सिखाया जाता है। लेकिन कभी कभी रिश्तों की मान मर्यादा और आने वाले समय में व्यक्तिगत जीवन की कठिनाइयों से बचने के लिए रिश्तों को बीच में ही ख़त्म कर देना बेहतर होता है अन्यथा यही रिश्ते जीवन को अनेक कठनाइयों में जकड़ सकते हैं।

क्यों?- किसी भी रिश्ते को कायम रखने के लिए एक दूसरे के साथ पर विश्वास और हर काम में एक दूसरे का साथ। ये बातें खास तौर पर पति-पत्नी या लिव-इन में रहने वाले युवकों और युवतियों के लिए ज्यादा मायने रखती है क्योंकि उनके रिश्ते में शक की वजह से खींचतान की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। कामकाजी पति-पत्नी के लिए काम और घर में सामजस्य बना के रखना मुश्किल हो जाता है जो रिश्तो में खटास का कारण बनता  है।

कब तोड़ें रिश्ता? कामकाजी पति और पत्नी एक दूसरे के साथ समय व्यतीत नहीं कर पाते। और जब घर में साथ बैठने का समय मिलता है तो ऑफिस की थकान एकांत की मांग करती है। ऐसे में दोनों अपना अपना कम्फर्ट जोन तलाशने लगते हैं जो साथ रह कर तो बिलकुल नहीं मिल सकता। एक दूसरे के साथ रहने की मानसिक इच्छा  और शारीरिक स्थिति का मेल न होने की वजह से दोनों में मनमुटाव बढ़ने लगता है। ऐसे में बाहर सम्बन्ध बनाने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। भावनात्मक जुड़ाव होने के कारण बाहर के सम्बन्ध होने का पता चलने के बावजूद विश्वासघात पर यकीन नहीं होता। ऐसे में भावनाओं की और ध्यान न देते हुए सच्चाई का सामना करने में ही समझदारी है। बेवजह रिश्तों को खींचने से भावनाओं को अधिक आघात लगता है। ऐसे में रिश्ते को तोड़ते हुए आगे बढ़कर नए रिश्ते बनाने में ही समझदारी है।

loading...

Check Also

पूजा के बाद शंख बजाने का क्या है महत्व

आरती के समय शंख बजते सभी ने सुना होगा,परन्तु शंख क्यों बजाते हैं? इसके पीछे ...

Leave a Reply