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सोना पांच साल के निचले स्तर पर पंहुचा, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के खतरे का असर

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जब से अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं, तभी से दुनिया भर में सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है। देखते ही देखते   अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम पांच साल के निचले स्तर पर आ गए हैं। भारत में भी इसका व्यापक असर हुआ है। सोने ने काफी सालों के बाद 24000 के स्तर को छुआ। हालांकि इसके बाद इसमें तेज़ी भी आई, लेकिन अब ये 25000 और 26000 के बीच अपने आप को स्थिर करने के कोशिश कर रहा है। भारत में सितम्बर से त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है। ऐसे में ग्राहकों के लिए त्योहारों से पहले सोने को कम भाव में खरीदने का अच्छा मोका है।

दीपावली से पहले आकर्षक हुए दाम- सोने में इन्वेस्ट करने वाली एक संस्था के अनुसार सोने के दामों में आई गिरावट आगे भी जारी रह सकती है। जुलाई में सोने के अंतराष्ट्रीय भाव 1084 डॉलर तक पहुँच गए थे। ये पिछले पांच साल में सोने का सबसे निचला स्तर था। चीन सहित दुनिया के कई देशों में आई मंदी इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है। हालांकि अभी सोने का भाव 1110 डॉलर से ऊपर चल रहा है, लेकिन अमेरिका द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की सूरत में शेयर बाजार के साथ-साथ सोने में भी भारी गिरावट आ सकती है। ये भी संभव है के अंतराष्ट्रीय बाज़ार में सोने के मूल्य 1000 डॉलर से भी नीचे गिर जाए।

भारत में हर त्यौहार पर सोना खरीदने की परंपरा रही है। दीवाली पर ये खरीदारी अपने चरम पर होती है क्योंकि दीवाली के दिन हिन्दू धर्म में लक्ष्मी पूजन किया जाता है। ऐसे में लोगों के पास अभी सोना खरीदने का अच्छा मोका है।

निवेश के लिये उत्तम समय- दुनियाभर के शेयर बाजार में इस समय मंदी का व्यापक असर हुआ है।चीन का बाजार तो 40 प्रतिशत तक टूट चुका है। अंतराष्ट्रीय बाजार में आई इस मंदी का सोने के निवेशक फायदा उठा सकते हैं और लंबी अवधि के लिए सोने में निवेशित रह सकते हैं।

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